Fake court marriage certificate -7 साल की जेल

आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको “Fake court marriage certificate” के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले हैं। अगर कोई व्यक्ति से कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट वाता है। उसके अंतर्गत कौन सी सजा का वर्णन हमारे कानून में किया गया है। इसके बारे में आपको पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक पढ़ने को मिलेगी आइए जानते हैं…

Fake court marriage certificate – अक्सर अपने आप न्यूज़पेपर समाचार में देखा होगा या अपने आसपास के लोगों से सुना होगा कि उस व्यक्ति ने उसके साथ में धोखा किया या उसके साथ में धोखाधड़ी हो गई है या छल कपट जैसे समस्याओं के बारे में सुना ही होगा। आज के समय में लोग छल कपट के लिए कुछ भी कर देते हैं। कई बार देखा गया है कि आजकल सबसे ज्यादा युवा वर्ग में इस तरह के अपराधों को अंजाम दिया जाने लग गया है। अपने किसी भी मकसद को पूरा करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकते हैं।

आजकल देखा गया है कि लड़का और लड़की बिना शादी के धोखाधड़ी के मकसद से फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवा लेते हैं। यह भी एक तरह का अपराध ही है। इस तरह के अपराध को धारा 468 IPC के अंतर्गत शामिल किया गया है।

अगर कोई लड़का या लड़की बिना शादी के फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाना है यह भी एक धोखाधड़ी वाला मामला माना जाता है। कानून की नजर में ऐसे काम को अपराध माना गया है किसी को फसाने छल कपट के लिए फर्जी कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके परेशान करते हैं तो इस अपराध के अंतर्गत कानून में सजा का भी प्रावधान बताया गया है आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको फर्जी कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने पर क्या होता है इस अपराध को आईपीसी सेक्शन की कौन सी धारा के अंतर्गत माना गया है इसके अलावा कानून में इस अपराध की सजा का क्या प्रावधान है इन सभी का वर्णन हम इस लेख में करने वाले हैं आइए जानते हैं…

Fake court marriage certificate क्या है

fake court marriage certificate

फेक कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट वह होता है जिसमें लड़का और लड़की फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवा कर किसी तरह की गलत कार्य को करते हैं या सही होने से बचने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करते हैं। उसको फेक सर्टिफिकेट माना जाता है। कानून की नजर में यह अपराध माना गया है। क्योंकि हमारे भारतीय कानून में बताया गया है कि बिना विवाह के मैरिज सर्टिफिकेट बनाना अमान्य होता है। बिना शादी के मैरिज सर्टिफिकेट को मान्यता नहीं मिलती है। शादी कर रही स्टेशन करने वाले अधिकारी का यह कर्तव्य है कि शादी की पूरी जांच करके ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करें। उसके बाद कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट लीगली रूप से तैयार करें।

आईपीसी 468 क्या है

हमारे भारतीय संविधान में धारा 468 IPC के अनुसार अगर कोई व्यक्ति कूट रचना करता है और कूट रचित डॉक्यूमेंट को छल करने के लिए उन का गलत इस्तेमाल करता है। उसको किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जा सकती है।इस अवधि को 7 साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा वह आर्थिक दंड का भी भागीदार रहेगा।

Fake court marriage certificate- Punishment

Fake court marriage certificate के अंतर्गत अपराध छल कपट के प्रयोजन से किया जाता है। इस अपराध के अंतर्गत अपराधी व्यक्ति को 7 साल की सजा और आर्थिक दंड दिया जाता है। क्योंकि यह है कि गैर जमानती व संघीय अपराध माना जाता है।‌ यह प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के द्वारा यह अपराध विचारणीय भी रहेगा। इसके अलावा इस अपराध में किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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निष्कर्ष

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आप सभी को Fake court marriage certificate -7 साल की जेल” के बारे में जानकारी प्रदान कि है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको जो भी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से दिया वह आपको जरूर पसंद आई होगी। अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी तो उसको अधिक से अधिक लाइक शेयर कीजिए और इस पोस्ट से संबंधित अन्य किसी सवाल के लिए आप कमेंट सेक्शन से जुड़ सकते हैं।

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