अगर पति तलाक न दे तो क्या करें

आज इस पोस्ट के द्वारा हम आपको “अगर पति तलाक नहीं दे तो क्या करें” इसके विषय में जानकारी देने जा रहे हैं आपके लिए यह जानकारी बहुत हेल्पफुल होने वाली है तो आप अंत तक हमारी इस पोस्ट को जरूर पढ़ें…

किसी भी रिश्ते में जब प्यार ना हो और बिना दोनों पति-पत्नी के आपसी सहमति से उस रिश्ते को खींचना बोलता बन जाता है क्योंकि ऐसे रिश्ते में आगे चलकर किसी ना किसी तरह का क्राइम वह जाता है इसलिए पति पत्नी उस रिश्ते को आगे चलाने के लिए सहमत नहीं हो तो दोनों का तलाक लेकर अलग हो जाना ही बेहतर होता है लेकिन कई बार ऐसा भी देखने को मिला है कि पत्नी तलाक के लिए राजी नहीं होती है और पति की जिंदगी को नर्क बनाए रखते हैं ऐसे में पति चाहते हैं कि वह अपनी पत्नी से तलाक ले या फिर पत्नी तलाक नहीं चाहे और पति चाहेगी तलाक ले तो उसी स्थिति में क्या करें आज के साइकल में आपको हम बताएंगे कि अगर पति तलाक ना दे तो क्या करें इसके बारे में जानकारी…

अगर पति तलाक ना दे तो क्या करें

हमारे देश में पति पत्नी दोनों अपनी इच्छा से अगर तलाक लेना चाहते हैं तो कानूनी रूप से आपसी सहमति से तलाक लेना बहुत आसान होता है लेकिन जब बात आती है एकतरफा तलाक लेने की तो बहुत मुश्किल होता है कि तलाक कैसे लिया जाए क्योंकि एकतरफा तलाक में कभी पति तलाक नहीं देता तो कभी पत्नी तलाक नहीं देती है उसी स्थिति में भारतीय कानून में ऐसे मजबूत 8 आधार बनाए गए हैं जिनके आधार पर आप कोर्ट से तलाक ले सकते हो लेकिन उसके लिए आपको कोर्ट में प्रूफ करना होगा उसके बाद ही कोर्ट से आपको तलाक मिल पाएगा अब यहां बात आती है अगर पत्नी तलाक चाहती है और पति तलाक नहीं लेना चाहता तो उस संबंध में कैसे तलाक लिया जाए तो आइए जानते हैं कि तलाक पति अगर ना दे तो कैसे लिया जाए

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अगर पति तलाक न दे तो क्या करें

  1. व्यभिचार – अगर किसी कारण से आपका पति आपको धोखा दे रहा है और आप उनसे तलाक लेना चाहते हैं या फिर आपका पति किसी और महिला के साथ शारीरिक संबंध बना रहा है और आपके पास में उसके खिलाफ ठोस सबूत मौजूद है तो आप उस आधार पर तलाक की अर्जी कोर्ट में दायर कर सकती हैं और तलाक ले सकते हैं। व्यभिचार में अर्थात आपका पति एडल्ट्री में शामिल होना चाहिए।उस आधार पर कोर्ट में पेश करने के लिए कुछ मजबूत सबूत होने पर ही आप पति से तलाक ले सकती हैं।
  1. शारीरिक मानसिक हिंसा – अगर आपका पति किसी भी तरह की आपके ऊपर शारीरिक या मानसिक हिंसा करता है उसे स्थिति में आपको कोर्ट में कुछ ठोस सबूत पेश करने होंगे। उसमें साबित किया जा सके कि आपको आपका पति शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। उस आधार पर भी पत्नी आसानी से तलाक ले सकती है।
  2. एक दूसरे के साथ नहीं रहने पर – शादी के बाद में अगर पति पत्नी दोनों में किसी तरह की गलतफहमी या लड़ाई झगड़ा हो रहा है ऐसे में अगर पत्नी 2 साल अपने पति से दूर रह रही है उसी स्थिति में एकतरफा तलाक लिया जा सकता है उदाहरण के लिए शादी होने के कुछ समय पश्चात ही पत्नी मायके में रह रही है और पति बार-बार बुलाने की कोशिश कर रहा है और पत्नी आने को तैयार नहीं है तो उसी स्थिति में भी एकतरफा तलाक लिया जा सकता है।
  3. धर्म परिवर्तन – अगर पति और पत्नी दोनों ही अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखते हैं और जब दोनों ने शादी कर ली है। दोनों ने एक दूसरे के धर्म को एक्सेप्ट कर लिया है। इस परिस्थिति में अगर शादी के बाद में आपका पति आप पर दबाव बना रहा है, कि आप धर्म परिवर्तन करें तो कोई भी पति अपनी पत्नी को मजबूर नहीं कर सकता कि वह धर्म परिवर्तन करें। अगर ऐसा करता है तो कोर्ट में पत्नी तलाक लेने का अधिकार रखती है। क्योंकि एकतरफा तलाक लेने के लिए धर्म परिवर्तन एक मजबूत आधार बनाया जा सकता है।
  4. सन्यास – शादीशुदा होने के बाद आपका पति अपनी शादीशुदा जिंदगी को छोड़कर सन्यास ले चुका है तो उसी स्थिति में आप कोर्ट में जाकर तलाक ले सकती है। क्योंकि हमारे कानून ने बताया गया है कि शादी के बाद पति अगर एक लंबे अंतराल के लिए अपनी पत्नी को छोड़कर चला गया है या उसने संन्यास ले लिया है तो उस स्थिति में पत्नी तलाक लेने का अधिकार रखती है।पति-पत्नी दोनों पर सामाजिक और शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति की जिम्मेदारी होती है। उन सभी जिम्मेदारियों को छोड़कर अगर पति संन्यास लेने का फैसला कर लेता है तो पत्नी को पूरा अधिकार होता है वह कानूनन तलाक ले सकती है।
  5. गुमशुदा – शादी के बाद में अगर पति 7 साल के पूरे होने पर भी गायब रहता है और पत्नी को यह पता नहीं है कि उसका पति जीवित है या मर चुका है उस स्थिति में गायब हुए पति के लिए पत्नी कोर्ट में अर्जी डालकर तलाक ले सकती है क्योंकि हमारे देश में कानून के अनुसार अगर कोई भी व्यक्ति अपनी गुमशुदगी के साथ साल पूरा होने के बाद भी घर वापस नहीं आया है तो पूर्ण रूप से वह जीवित नहीं है तो उसी आधार पर पत्नी तलाक ले सकती हैं।
  6. गंभीर शारीरिक व मानसिक रोगी – अगर आपका पति किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है जैसे मसला ने कुष्ठ रोग जैसी बड़ी कोई बीमारी से ग्रसित होने पर पत्नी एकतरफा तलाक की अर्जी कोर्ट में लगा सकती है इसके अलावा चीजों प्रेमी या या किसी अन्य गंभीर मानसिक रोग होने की स्थिति में भी पत्नी तलाक की अर्जी दायर कर सकती है इस तरह के मामलों में कोर्ट की तरफ से तलाक की अर्जी को पूरी तरह से एक्सेप्ट कर लिया जाता है क्योंकि कोर्ट भी मानता है कि पार्टनर को किसी तरह का शारीरिक और मानसिक रोग हो गया है तो ऐसे में पत्नी की जान बचा पाना मुश्किल होता है उसी स्थिति में आसानी से कोर्ट से एकतरफा तलाक पत्नी को मिल जाएगा।
  7. नपुंसकता – बहुत से मामलों में पत्नी चाहे तो नपुंसकता को आधार बनाकर भी तलाक ले सकती है।

पति अगर तलाक ना दे तो उस स्थिति में आप इन सभी कारणों में से किसी एक कारण को आधार बनाकर उसके खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठा करने पर कोई भी पत्नी अपने पति से तलाक ले सकती हैं क्योंकि एकतरफा तलाक लेना इतना मुश्किल काम भी नहीं होता है।

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Conclusion

आज हमने इस पोस्ट में आपको “अगर पति तलाक न दे तो क्या करें” इसके विषय में जानकारी प्रदान की है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको जॉब इनफार्मेशन इस लेख में दी है वह आपको जरूर पसंद आएगी। अगर आप किसी तरह की जानकारियों से जुड़ना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट पर कंटिन्यू विजिट कर सकते हैं, और आपको हमारा पोस्ट पसंद आया तो इसको अधिक से अधिक लाइक शेयर कीजिए और इस आर्टिकल से संबंधित समस्या के लिए आप हमारे कमेंट सेक्शन में जाकर कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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