पड़ोसी के खिलाफ शिकायत पत्र कैसे दर्ज करें

आज हम आपको इस आर्टिकल के द्वारा “पड़ोसी के खिलाफ शिकायत पत्र” के बारे में जानकारी देंगे। अगर आपका पड़ोसी आपके साथ में गाली गलौज करें गलत व्यवहार करें उसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए उसकी पूरी जानकारी आपको यहां पढ़ने को मिलेगी आइए जानते हैं.

पड़ोसी के खिलाफ शिकायत – हमारा देश बहुत बड़ी आबादी वाला देश है। यहां पर पड़ोसियों के साथ असहमति और झगड़े ना बहुत साधारण सी बात है। यह सब लड़ाई झगड़े इस हद तक जा सकते हैं कि आप अपने पड़ोसी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के बारे में सोच सकते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि पड़ोसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कैसे करें तो हम आपको इसके विषय में पूरी जानकारी बताने का प्रयास करेंगे। लेकिन पहले हम आपको उन सब कारणों के बारे में जानकारी देंगे। जिनकी वजह से आप अपने पड़ोसी के खिलाफ कभी भी झगड़ा होने पर कंप्लेंट दर्ज कर सकते हैं।

पड़ोसी के खिलाफ शिकायत पत्र कैसे लिखे

आपके पड़ोसी आपको बहुत परेशान कर रहे हैं वह गाली गलौज या शराब पी के अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। आप के मना करने पर वह आप को धमकी देने का प्रयास करते हैं या फिर आप को जान से मारने की भी बहुत धमकी देते हैं। उसी स्थिति में आप पुलिस के पास अपनी कंप्लेंट दर्ज कर सकते हो। लेकिन छोटे-छोटे मामलों में पुलिस एफ आई आर दर्ज नहीं करवाई जा सकती है। इस तरह के मामले आप कोर्ट में दर्ज कर सकते हैं।

अब यहां पड़ोसी से झगड़ा किस बात पर हुआ है इसके ऊपर भी निर्भर करता है आपका पड़ोसी आपको धमकी देने गाली गलौज देने या फिर आपको परेशान करने का प्रयास करता है। लेकिन उस झगड़े के दौरान आपकी मारपीट या धक्का-मुक्की नहीं हुई है। उस स्थिति में आपका केस परिवाद के रूप में आईपीसी की धारा 504 व 506 के अंतर्गत दर्ज किया जा सकता है।

पड़ोसी के खिलाफ पुलिस कंप्लेंट दर्ज करें

आपका पड़ोसी आपको ज्यादा परेशान करता है तो आपको पुलिस थाने में भी एक लिखित में पड़ोसी के खिलाफ शिकायत दर्ज करनी होगी। ज्यादातर मामलों में पुलिस कुछ नहीं कर सकती है। और ना ही वह आपकी F.I.R. लिखती है अगर आप ज्यादा परेशान है तो आप अपने जिले के एसपी के पास में अपनी लिखित में शिकायत लिखकर पोस्ट के द्वारा भेज सकते हैं। वहां से आपको एक रसीद मिलेगी। उसको आप को संभाल कर रखना है। अगर एसपी के यहां से किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती है। तब आप कोर्ट में जाकर पड़ोसी के खिलाफ केस कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक वकील की भी जरूरत पड़ेगी।

आपके साथ जो भी घटना घटित हुई है उसको आपको अपने वकील को बताना होगा। वकील आपके पड़ोसी के खिलाफ एक एप्लीकेशन तैयार करेगा। उसके बाद आपको सबूत भी उस एप्लीकेशन के साथ लगाने होंगे। वहा पर जज पीड़ित का बयान सीआरपीसी की धारा 200 के अंतर्गत दर्ज करेंगे और आपके गवाहों का बयान भी सीआरपीसी की धारा 202 के अंतर्गत सुनेंगे।

पड़ोसी के खिलाफ कंप्लेंट दर्ज करने के कारण

पड़ोसी के खिलाफ शिकायत पत्र

आपका पड़ोसी के साथ में किसी तरह का अभद्र व्यवहार गाली गलौज मारपीट किसी भी तरह की गलत वारदात हुई है तो उसके लिए आप लिखित में भी कंप्लेंट दर्ज कर सकते हैं। या फिर कोर्ट में केस कर सकते हैं। पड़ोसी के खिलाफ कंप्लेंट दर्ज करने के निम्न कारण हो सकते हैं।

  • अगर आपका पड़ोसी गाली गलौज देने के साथ-साथ आपको धमकी भी देता है। आपके साथ में धक्का-मुक्की मारपीट भी कर लेता है तो आपका केस आईपीसी की धारा 504, 506 323 के अंतर्गत दर्ज किया जा सकता है।
  • यदि कोई पड़ोसी स्वेक्षा से जानबूझकर किसी को नुकसान पहुंचाता है चोट पहुंचाता है तो आईपीसी सेक्शन 323 के अंतर्गत उसके खिलाफ कंप्लेंट दर्ज करवाई जा सकती है।
  • अगर आपका पड़ोसी ज्यादा मार पिटाई पर उतर जाता है। उसी स्थिति में आप तुरंत 100 नम्बर पर कॉल करके पुलिस बुला कर कंप्लेंट दर्ज कर सकते हैं। यहां पुलिस के आने के बाद में आप पड़ोसी के साथ हुई पूरी वारदात की जानकारी बताकर अपना मुकदमा दर्ज करवा सकते हैं।

आप जज को बयान और गवाहों के बयान के आधार पर या अन्य सबूतों के आधार पर जानकारी देते हैं तो जज को लगेगा कि वास्तव में आप के साथ अपराघ हुआ है। इस अपराध पर कोर्ट दोषियों के खिलाफ सम्मन जारी करती है। और उनको कोर्ट में बुलाती है। दोषियों के पास समन पहुंचने के बाद भी अगर वह न्यायालय नहीं आते हैं तो जज के द्वारा वारंट जारी किया जाता है। उस स्थिति में पुलिस उन सभी दोषियों को पकड़कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करती है। वहां आप का मुकदमा दर्ज हो जाता है। इस प्रकार से आप अपने झगड़ालू और दुष्ट प्रवृति, आपके साथ मारपीट करने वाले या फिर किसी भी तरह का गलत व्यवहार करने वाले वाले पड़ोसी के ऊपर मुकदमा करके उनको उचित सजा भी दिलवा सकते हैं।

पड़ोसी के खिलाफ केस करने की जरूरी डॉक्यूमेंट

पड़ोसी के खिलाफ केस करने के लिए आपके पास में ठोस सबूत और डाक्यूमेंट्स का होना जरूरी है तभी आपका केस मजबूत बनेगा और आप अपने पड़ोसी पर मुकदमा दर्ज कर सकते हैं

  • पीड़ित अर्थात जिसके साथ में जो घटना घटित हुई है उसका फोटो आधार कार्ड या फिर उसकी कोई भी वैलिड आईडी प्रूफ होना जरूरी है।
  • एसपी को भेजी गई शिकायत पत्र की प्रतिलिपि
  • एसपी को पोस्ट के द्वारा भेजी गई शिकायत के दौरान मिली हुई रसीद
  • आपके साथ जो मारपीट हुई है तो उसकी एमएलसी रिपोर्ट सरकारी अस्पताल के द्वारा बनी हुई।
  • यदि आपके पास में वीडियो रिकॉर्डिंग ऑडियो रिकॉर्डिंग है तो उसको भी सबूत के तौर पर आप लगा सकते हैं अगर नहीं है तो कोई जरूरी भी नहीं है।
  • दो गवाहों का होना जरूरी है जो घटना घटित होने के दौरान मौजूद थे।

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Conclusion

आज हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपको “पड़ोसी के खिलाफ शिकायत पत्र” के विषय में पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक बताई है।अगर आपके आसपास रह रहे पड़ोसी आपके साथ गलत व्यवहार करते हैं तो उसी स्थिति में आप किस तरह से शिकायत या मुकदमा दर्ज कर सकते हो। उसकी डिटेल आपको पूरी हमारे इस पोस्ट में पढ़ने को मिलेगी।

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